Counseling of Surplus Teachers in Madhya Pradesh under the School Education Department.
मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत श्रेणी-1 (व्याख्याता एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक) के अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के लिए काउंसलिंग की जाएगी। इस लेख में हम इस प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझेंगे, जिसमें काउंसलिंग की तारीख, प्रक्रिया, और दावे-आपत्तियों के निपटान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
1. काउंसलिंग की तिथि और स्थान
तिथि:
अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग 22 सितंबर (रविवार) को जिला मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। इससे पहले 21 सितंबर (शनिवार) को शिक्षकों से दावे-आपत्ति लिए जाएंगे और मौके पर ही उनका निपटारा किया जाएगा।
स्थान:
काउंसलिंग जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में की जाएगी। इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
2. काउंसलिंग के लिए दिशा-निर्देश
- अनिवार्य उपस्थिति:
व्याख्याता और उच्च माध्यमिक शिक्षक दोनों से कहा गया है कि वे अनिवार्य रूप से काउंसलिंग में उपस्थित होकर च्वाइस फिलिंग करें। यदि शिक्षक काउंसलिंग में शामिल नहीं होते हैं, तो उन्हें प्रशासनिक आधार पर उन स्कूलों में पदस्थ कर दिया जाएगा जहां शिक्षकों की कमी अधिक है।
- च्वाइस फिलिंग:
शिक्षकों को काउंसलिंग के दौरान अपनी पसंद के स्कूलों का चयन करना होगा। च्वाइस फिलिंग न करने की स्थिति में, स्कूल आवंटन प्रशासन द्वारा किया जाएगा।
3. दावे-आपत्तियों का निपटान
- दावे-आपत्ति का दिन:
21 सितंबर को शिक्षकों से दावे-आपत्ति लिए जाएंगे और उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा।
- समन्वय और रिकॉर्ड:
दावे-आपत्तियों का निपटारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्यों के सहयोग से किया जाएगा, जो आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराएंगे।
4. काउंसलिंग की प्रक्रिया
- विषय मान से काउंसलिंग:
काउंसलिंग विषय मान से की जाएगी, जिसमें पहले व्याख्याताओं और फिर उच्च माध्यमिक शिक्षकों की काउंसलिंग होगी।
- पर्यवेक्षण और समन्वय:
काउंसलिंग के दौरान पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी, अनुवीक्षण और समन्वय करेंगे।
5. ऑनलाइन काउंसलिंग और राज्य स्तरीय निगरानी
- संभागीय संयुक्त संचालक की भूमिका:
संभागीय संयुक्त संचालक संभागीय स्तर से ऑनलाइन काउंसलिंग करेंगे, जिससे प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
- राज्य स्तरीय समिति:
राज्य स्तरीय काउंसलिंग समिति प्रदेशभर में चल रही काउंसलिंग की निगरानी करेगी।
आदेश जारी यहां देखे - Click Here
UMS Surplus List.pdf - Click Here
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग कब और कहां होगी?
- काउंसलिंग 22 सितंबर (रविवार) को जिला मुख्यालयों पर होगी।
2. दावे-आपत्तियों का निपटान कब किया जाएगा?
- दावे-आपत्ति 21 सितंबर (शनिवार) को लिए जाएंगे और उसी दिन मौके पर निपटान किया जाएगा।
3. काउंसलिंग में शामिल होना अनिवार्य है क्या?
- हां, सभी अतिशेष शिक्षकों के लिए काउंसलिंग में शामिल होना अनिवार्य है। अनुपस्थित रहने पर प्रशासन द्वारा स्कूल आवंटन कर दिया जाएगा।
4. च्वाइस फिलिंग का क्या महत्व है?
- च्वाइस फिलिंग के माध्यम से शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल का चयन कर सकते हैं, जिससे उन्हें उपयुक्त स्थान पर पदस्थापना मिल सके।
निष्कर्ष:
मध्य प्रदेश के अतिशेष शिक्षकों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है। सभी शिक्षकों को इसमें भाग लेकर अपनी पसंद के अनुसार स्कूल का चयन करना चाहिए। उम्मीद है कि यह जानकारी शिक्षकों के लिए उपयोगी होगी।
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